जय माता दी  (Jai MATA DI)

“ सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके । शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते ॥
 

जानिए चूड़धार पर्वत के इतिहास, जुड़ी मान्यताएं तथा पर्यटन की संभावनाओं के बारे में

2019-03-31 20:33:57
चूड़धार पर्वत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित है। चूड़धार पर्वत समुद्र तल से 11965 फीट(3647 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित है । यह पर्वत सिरमौर जिले और बाहय हिमालय(Outer Himalayas)...
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रूह को कंपाने वाली है श्रीखंड महादेव यात्रा, अमरनाथ से भी ज्यादा कठिन

2019-03-31 20:22:58
क्या है पौराणिक महत्वश्री खंड महादेव की पौराणिक मान्यता है कि भस्मासुर राक्षस ने अपनी तपस्या से शिव से वरदान मांगा था कि वह जिस पर भी अपना हाथ रखेगा तो वह भस्म होगा। राक्षसी भाव होने के कारण उसने माता...
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अष्टभुजा धाम | Ashtbhuja Dham | इस मंदिर में बिना सिर वाली मूर्तियों की होती है पूजा

2019-03-01 14:56:16
Ashtbhuja Dham Temple Story & History In Hindi | आज हम आपको बताने जा रहे हैं उत्तरप्रदेश के एक ऐसे मंदिर के बारे में, जहां देवी-देवताओं की ज्यादातर मूर्तियों पर सिर ही नहीं है। वैसे तो लोग खंडित म...
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सिंहाचलम मंदिर – यहाँ पर वराह और नृसिंह अवतार का सयुंक्त रूप विराजित है माँ लक्ष्मी के साथ

2019-03-01 14:53:53
आंध्रपदेश के विशाखापट्टनम से महज 16 किमी दूर सिंहाचल पर्वत पर स्थित है सिंहाचलम मंदिर। इस मंदिर भगवान नृसिंह का घर कहा जाता है। इस मंदिर की विशेषता यह है की यहाँ पर यहाँ पर भगवान् विष्णु के वराह और नृ...
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गड़ियाघाट माता मंदिर – माता के इस मंदिर में नदी के पानी से जलती है अखंड ज्योत

2019-03-01 14:50:14
मध्यप्रदेश के गड़ियाघाट माताजी के मंदिर को अनोखी घटना के लिए जाना जाता है। कालीसिंध नदी के किनारे बने इस मंदिर में दीपक जलाने के लिए घी या तेल की जरूरत नहीं होती बल्कि, वह पानी से जलता है। इसे देखने के...
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रावण और कुंभकरण ने लिए थे तीन जन्म,

2018-10-29 17:13:17
इस दुनिया में रावण या कुंभकरण नाम का कभी कोई दूसरा नहीं हुआ। राजाधिराज लंकाधिपति महाराज रावण को 'दशानन' भी कहते हैं। कहा जाता है कि रावण लंका का तमिल राजा था। रावण एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और ...
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माता सती के शरीर के अंग जहां-जहां गिरे, वहां-वहां बने शक्तिपीठ

2018-10-10 14:36:53
कहानी है कि आदि शक्ति के एक रूप सती ने शिवजी से विवाह किया, लेकिन इस विवाह से सती के पिता दक्ष खुश नहीं थे। बाद में दक्ष ने एक यज्ञ किया तो उसमें सती को छोड़कर सभी देवताओं को आमंत्रित किया। सती बिना ब...
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